Description
मौजूदा समय में पक्षियों की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है। जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, शहरीकरण, और प्रदूषण के कारण कई पक्षी प्रजातियों की संख्या तेजी से घट रही है। कृषि में कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग और गीले क्षेत्रों के सूखने से भी पक्षियों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से, गिद्धों की कई प्रजातियाँ विलुप्ति के कगार पर हैं। गौरैया, जो कभी हर घर के आंगन में देखी जाती थी, अब बहुत कम नजर आती है। भारतीय महोखा (प्दकपंद त्वससमत), साइबेरियन सारस, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (गोडावण), और हॉर्नबिल जैसी प्रजातियों को भी संरक्षण की जरूरत है।
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