Description
सूखा हमारी प्रकृति और मानव जाति दोनों के लिए ही खतरनाक है। ये तेजी से पैर पसार रहा है, हमें सूखे से बचने के लिए जल्द और बेहद गंभीर प्रयास आरंभ कर देने चाहिए। यह वह दौर है जिसमें सूखे से निपटने की राह अभी शेष है लेकिन यदि समय यूं ही बीतता रहा तो यकीन मानिए कि एक दिन सबकुछ सूख जाएगा। जीवन और भविष्य का गला रुंधने से पहले जागना होगा।
Latest posts by BALA DATT SHARMA (see all)





Reviews
There are no reviews yet.